Shree Ganeshaya Namah

ॐ श्री गणेशाय नमः (OM Sri Ganeshaya Namah)

A mantra for beginning Meditation, or Prayer, or starting new enterprises, or undertaking any new initiative.For freedom from hindrances to the attainment of success on the path of spiritual life, or to the accomplishment of any good, or noble, or new undertaking, one has to greet and harmonise with that Power of God which eliminates failures from all endeavors; presides over, and secures, success, victory, fulfilment.

गणपति विघ्नहर्ता हैं, इसलिए नौटंकी से लेकर विवाह की एवं गृह प्रवेश जैसी समस्त विधियों के प्रारंभ में गणेश पूजन किया जाता है। ‘पत्र अथवा अन्य कुछ लिखते समय सर्वप्रथम॥ श्री गणेशाय नमः॥, ॥श्री सरस्वत्यै नमः ॥,॥श्री गुरुभ्यो नमः ॥ ऐसा लिखने की प्राचीन पद्धति थी। ऐसा ही क्रम क्यों बना? किसी भी विषय का ज्ञान प्रथम बुद्धि द्वारा ही होता है व गणपति बुद्धि दाता हैं, इसलिए प्रथम ‘॥ श्री गणेशाय नमः ॥’ लिखना चाहिए।

महाभारत लिखने के लिए महर्षि व्यास को एक बुद्धिमान लेखक की आवश्यकता थी। यह कार्य करने के लिए उन्होंने गणपति से ही प्रार्थना की थी।

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