'आर्किटेक्चर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का अहम योगदान'

आज के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) एक ऐसी टेक्नोलॉजी है, जो कई तरह से हमारे लिए सहायक साबित होती है। AI का इस्तेमाल अस्पताल, 3डी प्रिंटर सहित विभिन्न इंडस्ट्रीज में किया जा रहा है। इसी के चलते राजस्थान के डब्ल्यूआईसीसीआई – आर्किटेक्चर के अध्यक्ष अर. शालिनी गहलोत और उपाध्यक्ष अर. कविता जैन ने एक परिचयक कार्यशाला का आयोजन किया। 3 सितंबर को राजस्थान अंतरराष्ट्रीय केंद्र में आयोजित इस कार्यशाला में एआई की संभावनाओं पर चर्चा की गई।

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कार्यशाला का उद्देश्य आर्किटेक्चर की विशेषज्ञता और एआई के रोमांचक संभावनाओं के बीच की खाई को पार करना था। आईआईटी मुंबई के पूर्व छात्र निवेदन राठी ने आर्किटेक्चर के क्षेत्र में जनरेटिव एआई के नवाचारों पर चर्चा करते हुए कहा कि यह भविष्य में हमारे लिए बेहद कारगर साबित होगी, खासकर आर्किटेक्चर के क्षेत्र में। सत्र में चैटजीपीटी, मिडजर्नी, डिजाइनर्स के लिए 3डी रेंडरिंग जैसे उपकरणों के उन्नत उपयोग का भी आवलोकन किया गया। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय परिषद सदस्य अर. शमिनी शंकर और समिति सदस्य, ऋतु खंडेलवाल, गीतांजली कसलीवाल, प्रीति अग्रवाल, मीनू वष्र्णी, सगुना वाधवा, अनिका मित्तल, पूजा अग्रवाल और अन्य सदस्यों ने हिस्सा लिया।

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डब्ल्यूआईसीसीआई आर्किटक्चर, राजस्थान अध्याय, ने राजस्थान की महिला आर्किटेक्ट्स के योगदान को मान्यता और उनकी आवाज को बढ़ाने के लिए एक मंच बनाया है। परिषद में विभिन्न क्षेत्रों में महान आर्किटेक्ट्स शामिल हैं, जिनमें प्रैक्टिसिंग आर्किटेक्ट्स, शिक्षाविदों और उद्यमियों जैसे होते हैं। डब्ल्यूआईसीसीआई ने पेशेवर पारिस्थितिकी के अंदर सहयोगपूर्ण वातावरण प्रदान करते हुए महिला आर्किटेक्ट्स को उद्यमिता, नेतृत्व, और निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करने का लक्ष्य रखा है।



Source: Mobile Apps News